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बाबू गुलाब राय : एक विलक्षण निबन्धकार

विविधा - No Comments » - Posted on November, 22 at 5:31 am

-डा. शशि तिवारी, भारतबाबू गुलाबराय के निबन्ध स्थायी एवं मौलिक विषयों पर हैं। उनकी प्रकृति विचारात्मक और भावात्मक है। उनके प्रमुख निबंध हैं, ‘कर्तव्य सम्बन्धी रोग, निदान और चिकित्सा’, ‘समाज और कर्तव्यपालन’, ‘फिर निराशा क्यों’ आदि।
संस्कृत में एक प्रसिध्द कहावत है- फ्गद्यं कवीनां निकषा वदन्तिय् अर्थात् गद्य की विधा कवियों या लेखकों की कसौटी है। [...]

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