आपके पत्र
आपके पत्र - No Comments » - Posted on November, 22 at 6:54 am
नमस्कार,
मुझे एक सप्ताह पूर्व ‘पुरवाई’ का पिछला अंक प्राप्त हुआ। इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। पुरवाई के सारे अंक दिन-प्रतिदिन सार्थक होते जा रहे हैं जो पत्रिका की सफलता का सबसे बड़ा कारण है। बधाई हो आप सब को।
भारत में कहा जाता है कि जब पुरवाई चलती है तो आदमी आलस्य के कारण कुछ नहीं करता। [...]
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