पुरवाइयां
पुरवाइयाँ - No Comments » - Posted on November, 22 at 6:46 am
-डा. पद्मेश गुप्त
पुरवाई के जीवनकाल का यह तीसरा विश्व हिन्दी सम्मेलन है। लंदन में हुए छठे विश्व हिन्दी सम्मेलन एवं सुरिनाम में आयोजित सातवें विश्व हिन्दी सम्मेलन के सुअवसर पर पुरवाई विशेषांक ले कर आई थी। विश्व भर के अनेक हिन्दी प्रेमियों तक पत्रिका पहुुंची। इस बार विश्व हिन्दी सम्मेलन के अवसर पर मैंने सोचा [...]
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